नई टिहरी। विश्व पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता का पुरस्कार पाने के लिए जिलेभर के 1034 में से कुल चार ग्राम पंचायतोंं ने ही आवेदन किया है। पुरस्कार के लिए जिले में कुल एक गांव का चयन करने के लिए शासन की ओर से 10 मानक तय किए गए हैं। उन मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण ही ज्यादा आवेदन नहीं आ पाए। इससे स्पष्ट है कि अभी हमारे गांवों की तस्वीर ज्यादा साफ नहीं है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023 में विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले में एक सबसे स्वच्छ गांव को पांच लाख का पुरस्कार देने का एलान किया था। गांव के चयन के लिए शासन स्तर पर मानक तय किए जाने के बाद जिला पंचायतराज अधिकारियों को निर्धारित मानकों का परीक्षण कर गांव की फोटो और वीडियो के साथ प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे।
स्वच्छता का पुरस्कार पाने के लिए ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त होना, मॉडल गांव होना, सोख्ता पिट, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, धार्मिक स्थल और पंचायत घर आदि सार्वजनिक स्थलों पर दूषित जल प्रबंधन की व्यवस्था, गांव में पक्की नाली हो, सार्वजनिक स्थलों पर महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था, कचरा निस्तारण की व्यवस्था, समय-समय पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जागरूकता अभियान चलाए जाते हो।
हरेला पर्व पर पौधरोपण और जल संरक्षण आदि कार्य किए जाते हो। इन मानकों पर खरा उतरने वाले चार गांवों ने ही पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। उनमें जौनपुर ब्लाक में रौतुकीबेली, बंग्लों की कांडी और नरेंद्रनगर ब्लाक में ग्राम पंचायत कोडारना और ओणी गांव की ओर से ही आवेदन किया गया है। इन चार में से जो गांव मानकों पर खरा उतरेगा उस ग्राम पंचायत को विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच लाख रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर पुरस्कार पाने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से तय किए गए मानकों के साथ पत्र भेजे गए थे। तय तिथि तक जिले से कुल चार ग्राम पंचायतों ने ही आवेदन किए हैं। आवेदन पत्र सूचीबद्ध कर शासन को भेजे गए हैं।
- एमएम खान, जिला पंचायतराज अधिकारी टिहरी।