नई टिहरी। टिहरी झील में व्यावसायिक बोट सेवा शुरू होने पर अब पर्यटकों का रुख कोटी कालोनी की ओर होने लगा है। बोट सेवा शुरू होने के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को सात पर्यटकों ने झील में नौका विहार का आनंद लिया। हालांकि झील के आसपास पहुंचने के लिए अब भी रास्तों, सड़कों, पेयजल और शौचालय सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली टिहरी बंाध की झील में पिछले दिन टिहरी विशेष क्षेत्र (पर्यटन) विकास प्राधिकरण ने चार व्यावसायिक बोटों को चलाना शुरू कर दिया है। पर्यटकों को सुविधा देने और आवासीय व्यवस्था मुहैया कराने के लिए इंडियन एसोएिशन ऑफ प्रोफेशनल राफ्टिंग आउट फिल्टर्स की ओर से कोटी कालोनी में टेंट लगाए गए हैं। पर्यटकों का आना जाना भी शुरू हो चुका है। बृहस्पतिवार से दिल्ली से दो पर्यटक बोट में सफर करने के लिए कोटी कालोनी पहुंचे। पांच स्थानीय लोगों ने भी झील में बोटिंग का लुत्फ उठाया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल राफ्टिंग आउट फिल्टर्स की अध्यक्ष किरन भट्ट टोडरिया ने बताया कि देश-विदेश से पर्यटकों को टिहरी लाने के लिए अगल-अलग स्तर पर तैयारी की जा रही है। पर्यटकों के लिए टूर पैकेज तैयार किया जा रहा है।
छह नए आवेदक आए आगे
नई टिहरी। टिहरी विशेष क्षेत्र (पर्यटन) विकास प्राधिकरण के बाद बांध की झील में व्यावसायिक बोट सेवा शुरू करने के लिए छह और आवेदक आगे आए हैं। बृहस्पतिवार को बोट लाइसेंस के लिए छह लोगों ने अपना आवेदन जिला पंचायत में जमा कर दिया है। 18 दिसंबर के बाद जिला पंचायत इन आवेदकों को लाइसेंस निर्गत करेगी। लाइसेंस के लिए जिला पंचायत से 168 लोगों ने आवेदन पत्र खरीदे थे, लेकिन आवेदन जमा करने के लिए अब तक कोई नहीं पहुंच रहा था। बीते दिन टाडा ने झील में चार बोटों का संचालन शुरू किया तो अन्य लोग भी उसके बाद आवेदन जमा करने पहुंचने लगे हैं। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीवनाथ त्रिपाठी ने बताया कि 6 आवेदन आज जमा हो चुके हैं। 17 दिसंबर आवेदन जमा होने की अंतिम तिथि है। 18 दिसंबर को स्क्रूटनी के उपरांत नए आवेदकों को लाइसेंस जारी कर दिए जाएंगे।