नई टिहरी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शदाब बानू ने कहा कि कानून सामाजिक सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए बनाए गए हैं। यह तभी कारगर होंगे जब लोगों में कानून के उपयोग के प्रति जागरूकता होगी।
पालिका सभागार में पीएनडीटी एक्ट एवं विधिक साक्षरता सेमिनार में बानू ने कहा कि प्रसव पूर्व गर्भ निर्धारण करना कानूनी रूप से अपराध है। कानून अपना काम तभी कर सकता है जब कोई पहल कर कानूनी सहायता प्राप्त करने का प्रयास करे। विधिक सेवा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निशुल्क कानूनी सहायता भी देता है। सीएमओ डा. एसपी अग्रवाल ने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत माता और बच्चे को निशुल्क सुविधा दी जाती है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 14 सौ रुपये तथा शहरी क्षेत्र में एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र दुमोगा, महावीर उनियाल, ज्योति भट्ट, सीपी चंद, सीएमएस डा.बीएस सामंत, डिप्टी सीएमओ डा. विनोद टोलिया, डा. ममता नेगी, डा. रीता बमोला, राजेंद्र असवाल, तहसीलदार मीनाक्षी पटवाल भी मौजूद थे।