चंबा (टिहरी)। ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड योजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। सुरंग निर्माण स्थल के सर्वे क्षेत्र से बाहर आवासीय भवनों और खेतों में दरारों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि यदि दरारों का सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा तो आगे चलकर हाईवे पर भी खतरा मंडरा सकता है। दरारें पाटने के लिए निर्माण एजेंसी सीमेंट से भरने में जुटी हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंबा में बाईपास बनाने के लिए गुल्डी गांव से न्यू आस्ट्रिया टनलिंग मैथड से सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। अभी शुरूआती चरण में सुरंग का निर्माण कार्य करीब 40 मीटर भी पूरा नहीं हुआ है। मगर टनल निर्माण स्थल से थोड़ी दूर बसे मठियाण गांव के दो ग्रामीणों के आवास और कई खेतों में दरारें पड़ने से लोगों की चिंता बढ़ गयी हैं। बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र टनल निर्माण कार्य से बाहर है, इसीलिए उस क्षेत्र को अधिग्रहित ही नहीं किया गया है। इस बात से चिंतित लोगों ने निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। चंबा नगर क्षेत्र सिल्ड स्टोन, सैंड स्टोन और फाइलाइट चट्टानों के ऊपर बसा है। इन चट्टानों की मजबूती क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग होती है। विशेषज्ञों की मानें तो सुरंग निर्माण के दौरान सर्वे क्षेत्र से बाहर खाई बनना और दरारें पडना चिंता का विषय है। इसके पीछे सुरंग निर्माण में ग्राउटिंग का मजबूती से न किया जाना मुख्य आधार माना जाता है। उधर, खेतों में दरारें और खाई बनने से निर्माण एजेंसी के हाथ-पांव फूल गए हैं। जल्द से जल्द लापरवाही को छिपाने के लिए खाई को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही सुरंग के अंदर सीमेंट का लेप भी किया जा रहा है। इस मामले में भूगर्भ वैज्ञानिक डा. एनपी नैथानी ने स्थलीय निरीक्षण के बाद बताया कि भूधंसाव होने के कारण गहरी खाई बनी है। इसका वैज्ञानिक तरीके से उपचार किए जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए।