नई टिहरी/नरेंद्रनगर। सरकार की ओर से पंचायत राज अधिनियम में किए गए संशोधन के विरोध में जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन खुलकर सामने आने लगे है। उन्होंने सरकार के इस कदम को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया है।
प्रतापनगर के जिला पंचायत सदस्य मुरारी लाल खंडवाल, राजेंद्र लाल शाह, गीताराम गैरोला, किशन सिंह रावत, जयप्रकाश पांडेय, लक्ष्मण सोनी, जीतपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, अरविंद खरोला, महेश लाल, दिनेश कुमार ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर पंचायत राज अधिनियम का विरोध किया है। कहा कि सरकार ने संशोधन में दो से अधिक बच्चों और शैक्षिक योग्यता को लेकर कोई भी समय निर्धारित नहीं किया है। उन्होंने राज्यपाल से उक्त संशोधन को स्वीकृति न देकर इसमें फिर से संशोधन हेतु सरकार को निर्देश देने की मांग की है। नरेंद्रनगर में ब्लाक प्रधान संगठन के अध्यक्ष कमल रावत, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र कंडारी, यूकेडी के केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर, अखिल भारतीय पंचायत विकास संगठन के प्रदेश प्रवक्ता वीपी रयाल, उत्तराखंड जन जागृति संस्थान खाड़ी के अध्यक्ष अरंय रंजन ने चुनाव लड़ने के लिए रखी गई शैक्षिक योग्यता का तो स्वागत किया है लेकिन दो से अधिक बच्चे वालों को चुनाव की दौड़ से बाहर करना और दो बच्चों के लिए समय सीमा का निर्धारण न करने पर कड़ा रोष व्यक्त किया। कहा कि यदि इसमें संशोधन नहीं होता है तो पंचायत चुनाव में सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कहा कि जब स्थानीय निकायों में दो बच्चों पर वर्ष 2003 समय सीमा निर्धारित की गई है, तो त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में समय सीमा का क्यों तय नहीं की। उन्होंने सरकार से जल्द एक्ट में संशोधन करने की मांग की है।