नई टिहरी। बसाण गांव के जितेंद्र दास की मौत के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में हटाई गई कैंपटी थानाध्यक्ष कविता रानी को राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के निर्देश पर दोबारा कैंपटी थानाध्यक्ष पद पर तैनाती दी गई है।
बीते 26 अप्रैल को जौनपुर ब्लॉक के श्रीकोट गांव में एक शादी समारोह के दौरान सवर्ण जाति के कुछ लोगों ने बसाण गांव निवासी अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र दास को पीटकर घायल कर दिया था। पांच मई को जितेंद्र दास की देहरादून अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने कैंपटी थानाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने में देरी करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही बरतने का आरोप लगाया था। इस पर एसएसपी टिहरी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने कैंपटी थानाध्यक्ष कविता रानी और नैनबाग चौकी प्रभारी हिम्मत सिंह को सात अप्रैल को लाइन हाजिर कर दिया था। मामले की जांच पड़ताल के लिए 27 मई को दिल्ली से राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की टीम बसाण गांव पहुंची थी। जांच में आयोग की टीम ने पुलिस कार्रवाई को सही पाते हुए एसएसपी टिहरी को हटाई गई कैंपटी थानाध्यक्ष कविता रानी को दोबारा से कैंपटी थानाध्यक्ष का प्रभार सौंपने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने आयोग के निर्देश पर कविता रानी को दोबारा कैंपटी थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी देने की पुष्टि की है।