नई टिहरी। आखिरकार सरकार कांगड़ा गांव के ग्रामीणों के संघर्ष के सामने झुक गई है। कांगड़ा के ग्रामीणों ने फरवरी में स्वयं ही सड़क निर्माण शुरू किया था। इसके बाद हरकत में आई सरकार ने चमियाला-इंदवाणगांव-कांगड़ा और अनुसूचित जाति बस्ती मोलनो के लिए पांच किमी सड़क स्वीकृत की। करीब सात करोड़ 34 लाख की लागत से दोनों सड़कों का निर्माण होगा।
भिलंगना ब्लाक के कांगड़ा के ग्रामीणों ने वर्षों बाद भी सड़क निर्माण को बजट न मिलने से खफा होकर फरवरी में स्वयं गैंती, सबल उठाकर सड़क का काम शुरू किया था। ग्रामीण कई दिन तक सड़क निर्माण में जुटे रहे। इसके बाद स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए थे। वर्ष 2008 में सरकार ने एक करोड़ 62 लाख की लागत से 10 किमी सड़क स्वीकृत की थी, लेकिन सड़क निर्माण में आड़े आ रही वनभूमि की स्वीकृति सात साल बाद मिली। वर्ष 2015 में बमुश्किल सड़क निर्माण शुरू हुआ था। बावजूद स्वीकृत धनराशि से केवल पांच किमी सड़क भी पूरी नहीं बनी। लोनिवि घनसाली ने सड़क निर्माण पूरा करवाने के लिए पुनरीक्षित डीपीआर शासन को भेजी थी। सरकार ने अवशेष कार्यों को पूरा करवाने के लिए चार करोड़ 73 लाख 72 हजार की स्वीकृत दे दी है। इस धनराशि से चमियाला-इंदवाणगांव-कांगड़ा 10 किमी मोटर मार्ग बन सकेगा। वहीं मोलनो अनुसूचित जाति की बस्ती के लिए भी पांच किमी सड़क स्वीकृत की गई है। मार्ग का निर्माण दो करोड़ 61 लाख से किया जाएगा।
चमियाला-इंदवाणगांव-कांगड़ा मार्ग का पांच किमी नवनिर्माण और पांच किमी अवशेष कार्य होना है। निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई है।
-एनएल वर्मा, ईई लोनिवि घनसाली।