नई टिहरी। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से निष्कासित कर्मियों और जीवीके कंपनी के बीच वन टाइम सेटलमेंट को लेकर सहमति बन गई है। कर्मचारियों ने जीवीके कंपनी के सम्मुख प्रत्येक कर्मचारी को 50 लाख की धनराशि देने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि वन टाइम सेटलमेंट के तहत कर्मियों को कितनी धनराशि दी जाएगी। 27 जून को कीर्तिनगर में एसडीएम, कंपनी प्रबंधन और कर्मियों की बैठक में वन टाइम सेटलमेंट धनराशि भुगतान को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के अंतर्गत चौरास क्षेत्र के भूमि/भवन प्रभावित परिवारों के 90 सदस्यों को जीवीके कंपनी ने 10 मई को निष्कासित कर दिया था। बिना नोटिस और कारण बताए ही निष्कासित करने से नाराज कर्मचारी दोबारा बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। बहाली के मुद्दे पर 18 जून को कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों की देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी और डीएम सोनिका की मध्यस्थता में बैठक हुई थी। कंपनी के अधिकारियों ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ बैठक कर 22 जून तक समस्या समाधान करने का आश्वासन दिया था।
शनिवार को देवप्रयाग विधायक, डीएम, जीवीके कंपनी के निदेशक संतोष रेड्डी, एचआर हेड मनीष कुमार और निष्कासित कर्मियों की कलक्ट्रेट में बैठक हुई। कंपनी के निदेशक रेड्डी ने बताया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में निष्कासित कर्मचारियों वन टाइम सेटलमेंट के तहत भुगतान करने का निर्णय हुआ है। बैठक में केशवानंद बहुगुणा, माधवानंद बहुगुणा, महेश जोशी, प्रदीप पांडेय, हरि सिंह, सुरेंद्र लाल उपस्थित रहे।