घनसाली (टिहरी)। मुख्यमंत्री की घोषणा के छह साल बाद भी भिलंगना ब्लाक के गेंवली और पजगांव सड़क से नही जुड़ पाया है, जिससे ग्रामीणों को 10 किमी पैदल चलना पड़ रहा है। बावजूद इसके लोनिवि सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि हस्तांतरण का गंभीरता से प्रयास नही कर रहा है।
भिलंग पट्टी के ग्राम पंचायत गेंवली, पजगांव से लेकर धारी, सिल्यारगांव, पैतियाण तोक दशकों बाद भी सड़क सुविधा से नही जुड़ पाए हैं। गांवों में करीब 12 सौ की आबादी निवास करती है, लेकिन सड़क न होने के कारण ग्रामीण 10 किमी का पैदल सफर करने को मजबूर हैं। वर्ष 2014 में तत्कालीन सीएम ने गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए पोखार-गेंवली 10 किमी सड़क की घोषणा की थी। बावजूद छह साल बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीण उदय सिंह पंवार, महावीर सिंह, सरोप सिंह, समन सिंह, गोपाल सिंह, उत्तम सिंह, सूरत सिंह का कहना है कि सड़क की मांग को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन लोनिवि की लापरवाही के कारण सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। कहा कि सड़क न होने से गांवों में मूलभूत सुविधाओं को अभाव बना हुआ है। ग्रामीण कई किमी खड़ी चढ़ाई पार कर आवागमन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जल्द सड़क का निर्माण शुरू न होने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी।
मोटर मार्ग निर्माण के लिए भारत सरकार से वनभूमि के लिए आनलाइन आवेदन किया जा चुका है। साथ ही शासन से भी वित्तीय स्वीकृति नही मिली है। उम्मीद है कि जल्द वित्तीय स्वीकृति और वनभूमि की एनओसी मिलेगी।
-एनएल वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि घनसाली।