नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी स्वामी राम हिमालयन अस्पताल को पीपीपी मोड पर हस्तांतरित होने से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद जग गई है। जौलीग्रांट ने अस्पताल में चिकित्सकों से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में 10 विशेषज्ञ डाक्टर, 15 स्टाफ नर्स समेत 70 स्टाफ ने अस्पताल में सेवाएं देनी शुरू कर दी है। साथ ही सीटी स्कैन, डिजिटल अल्ट्रासाउंड, एक्सरे आदि उपकरण लगाए जाने का काम तेजी से चल रहा है।
जिला अस्पताल बौराड़ी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने छह साल के लिए पीपीपी मोड पर हिमालयन अस्पताल को आठ मार्च को विधिवत रूप से हस्तांतरित कर दिया है। हिमालयन ने अभी तक दो फिजिसिशन, एक-एक हड्डी, एनेस्थीसिया, सर्जन, बालरोग, डेंटल, ईएनटी, आंख, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर, 15 स्टाफ नर्स, 15 वार्ड ब्वाय, 11 सुरक्षा गार्ड, 15 सफाई कर्मी, दो लैब टेक्नीशियन आदि ने सेवाएं देनी शुरू कर दी है, जबकि अन्य डाक्टर समेत स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। अस्पताल में एमओयू के अनुसार 25 डाक्टर, 40 पैरामेडिकल स्टाफ समेत करीब 220 कर्मियों की तैनाती होनी है। मरीजों को सीटी स्कैन, डिजिटल अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, छह आईसीयू वार्ड और हेल्थ मोबाइल वैन की सुविधा भी मिलेगी। जौलीग्रांट के डाक्टरों ने ओपीडी की सेवाएं शुरू दी है। वर्तमान में अस्पताल मरम्मत, आईसीयू वार्ड, साफ सफाई, रंग रंगोन समेत अन्य कार्य तेजी से चल रहे हैं। दो अप्रैल तक अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवानी होगी। साथ ही सामुदायिक बेलेश्वर और देवप्रयाग भी हिमालयन ही पीपीपी मोड पर संचालित करेगा। इन दोनों अस्पतालों में व्यवस्थाएं जुटाने का काम चल रहा है।
मोबाइल वैन से भी मिलेगी सुविधाएं
जिला अस्पताल बौराड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर और देवप्रयाग से जुड़े उप स्वास्थ्य केंद्रों में मोबाइल हेल्थ वैन से भी स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएगी। हेल्थ वैन अपने-अपने क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों में माह में 23 दिन भ्रमण कर सेवाएं देगी। वैन में एक महिला, एक पुरुष डाक्टर, नर्स, लैब, एक्सरे टेक्नीशियन सहित सात कर्मी तैनात रहेंगे। वैन से सभी तरह की सामान्य बीमारियों से लेकर परिवार नियोजन, मलेरिया, सरवाइकल कैंसर का उपचार, दूरबीन से पथरी आदि का आपरेशन, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, ईसीजी, शुगर, हीमोग्लोबिन, यूरिन टेस्ट और दवाइयां दी जाएगी। यदि जिले के तीन अस्पतालों को पीपीपी पर जौलीग्रांट को देने की योजना सफल रहे, तो ग्रामीणों को मोबाइल हेल्थ वैन से भी बेहतर मिल सकेगी।
जौलीग्रांट के 10 डाक्टरों ने अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी है। अस्पताल का स्टाफ जौलीग्रांट को कुछ समय मद्द करेगा। दो अप्रैल तक उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करवानी होगी।
-डा. यतेंद्र सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल बौराड़ी।