लंबगांव (टिहरी)। पांच साल बाद भी सड़क निर्माण से क्षतिग्रस्त खेतों और फसलों का मुआवजा नहीं मिलने से हलेथ गांव के लोग गुस्से में है। पीएमजीएसवाई नई टिहरी के अधिकारियों की लचर कार्य प्रणाली से आक्रोशित हलेथ के ग्रामीण तीन दिन से हलेथ-देवल मोटर मार्ग पर वाहनों का संचालन नहीं होने दे रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं, हलेथ थाला, मोलगा, धारगढ़ और खोलगढ़ गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
हलेथ के ग्रामीणों ने 12 नवंबर को गांव के समीप हलेथ-देवल मोटर मार्ग पर पत्थर डालकर यातायात बंद कर दिया था। मार्ग पर वाहनों का संचालन न होने के कारण हलेथ थाला, मोलगा, धारगढ़ और खोलगढ़ गांव के लोगों और जखवाल गांव के छात्र-छात्राओं को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। हालांकि सड़क पर रखे पत्थरों को हटाकर जीप-टैक्सी चालक किसी तरह वाहनों का संचालन कर रहे हैं, लेकिन सड़क से पत्थर हटाने के दौरान कई बार ग्रामीणों व वाहन चालकों के बीच झड़प भी हो रही है।
गांव के धृपाल सिंह, लक्ष्मी सिंह, सोबन सिंह व वीरेंद्र सिंह का कहना है कि वे चार साल से क्षतिग्रस्त खेतों और फसलों के मुआवजा के लिए पीएमजीएसवाई के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी हर बार उन्हें गुमराह कर रहे हैं। जब तक विभागीय अधिकारी वार्ता के लिए यहां नहीं आते हैं, तब तक वह सड़क को खुलने नहीं देंगे। इस बाबत एसडीएम मुक्ता मिश्रा का कहना है कि पीएमजीएसवाई के ईई को बीते दिन ग्रामीणों से वार्ता कर समस्या के समाधान करने को कहा गया गया था।
कोट
जेई ने दूरभाष पर हलेथ के ग्रामीणों से वार्ता की है, लेकिन हलेथ गांव के लोग मुआवजा भुगतान करने की जिद पर अड़े हैं। ग्रामीणों को बता दिया गया है कि दो बार शासन को मुआवजा भुगतान का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बजट मिलने पर ही भुगतान किया जाएगा। दोबारा लोगों से वार्ता कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
-संजय श्रीवास्तव, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी