नई टिहरी। जिस घर में कभी नन्ही परियों की आवाज गूंजती थी, वहां अब मलबे के ढेर हैं। कोट गांव में बुधवार सुबह उमा सिंह के घर का मंजर देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। भूस्खलन में उमा सिंह के तीन बेटों का हंसता-खेलता परिवार मलबे में दफन हो गया।
बुधवार सुबह करीब 4.30 बजे भूस्खलन से कोट गांव में उमा सिंह के पूर्वजों की निशानी मटियामेट हो गई। घर उजड़कर कर जमींदोज हो गया। घर के चारों तरफ मलबा ही मलबा है। सुबह छह बजे घटना का पता चलने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर कुछ देर समझ नहीं पाए कि उन्हें क्या कहना है। लोगों ने मलबे के ढेर में दबे परिवार के आठ सदस्यों को ढूंढना शुरू किया, तो सबसे पहले करीब 7.30 बजे 11 वर्षीय बबली मलबे के बीच फंसी मिली, जिसे लोगों ने सकुशल बहार निकालकर उसे नई जिंदगी दी। बबली का भाई आशीष, चचेरा भाई अतुल और चचेरी बहन स्वाति अकाल मौत के मुंह में समा चुकी थी। गांव के सावन सिंह ने बताया कि सुबह घटना का पता नहीं चल पाया। रात में उनके घर के आंगन तक मलबे का पानी आया था, लेकिन बिजली गुल होने के कारण वह उमा सिंह के घर में हुई घटना का अंदाजा नहीं लगा सके। सुबह करीब छह बजे घर से बाहर आए, तो देखा कि उमा सिंह के घर के समीप अधिक मलबा गिरा है। वहां पहुंचने पर उन्होंने गांव के अन्य लोगों और प्रशासन को सूचना दी। करीब नौ बजे घनसाली से आपदा प्रबंधन की टीम गांव पहुंची, तब खोजबीन का कार्य तेजी से शुरू किया गया।