नई टिहरी। आमरण अनशन कर रहे हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) के दो पूर्व कर्मचारियों की पांचवें दिन हालत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार रात इन दोनों कर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इनमें एक अनशनकारी को उनके साथियों ने भर्ती कराया जबकि दूसरे कर्मी को पुलिस को जबरन अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शुक्रवार को डाक्टरों ने दोनों अनशनकारियों को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया।
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कुछ कर्मचारियों को हटा दिया गया था। सेवा बहाली के लिए खांडखाला में एचसीसी स्टाफ एंड वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व हटाए गए कर्मियों का धरना 48 वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी मनोज पंवार और मनोज खंडूरी मांग के लिए 12 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठे थे। इनमें 16 अगस्त की देर शाम मनोज खंडूरी का स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ जाने पर उनके साथियों ने रात करीब आठ बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद मनोज पंवार का स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें भी जबरन रात 12 बजे जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती करा दिया। शुक्रवार को चिकित्सकों ने दोनों अनशनकारियों को एम्स ऋषिकेश जाने की सलाह दी, जिस पर दोनों आंदोलनकारियों को रेफर कर दिया गया।
मांग के समर्थन में अब दिनेश रावत और अरविंद रतूड़ी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कंपनी और स्थानीय प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, जसपाल पंवार, नरेंद्र परमार, विक्रम नेगी, किशोरी लाल, अरविंद डोभाल, हंस लाल आदि मौजूद थे।