नई टिहरी। दीन दयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ओर से आयोजित कार्यशाला में योजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई, जिसमें स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया गया। समूह की नियमित बैठक, नियमित बचत, लेनदेन, ऋण वसूली, लेखा-जोखा को व्यवस्थित रखने के तरीके बताए गए।
बुधवार को बहुद्देश्य सभागार में आयोजित कार्यशाला का मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी गांवस्तर पर योजना की जानकारी हर जरूरतमंद को देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें। राज्य आजीविका परियोजना के विशेषज्ञ अजय पुरोहित, अजय खंडवाल ने बताया कि समूह के माध्यम से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया जाए। उन्होंने समूह गठन, रिवाल्विंग फंड, संचालन की विधियां बताई। इस मौके पर डीआरडीए के परियोजना अधिकारी भरत भट्ट, डीडीओ आनंद सिंह, बीडीओ मान सिंह राणा, विम्मी जोशी, डीएस सकलानी, बिजेंद्र रिगोड़ी, केएस पंवार, बिजेंद्र लाल, सीएस असवाल, आरएम नयाल, बीपी डबराल, गिरीश रमोला आदि मौजूद थे।