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पीजी कॉलेजों को 53 विषयों में संबद्धता के लिए करना होगा इंतजार

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चंबा (टिहरी)। गढ़वाल केंद्रीय विवि से डिएफिलेट होकर इस सत्र में श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हुए 36 पीजी कॉलेजों को 53 विषयों में स्थायी संबद्धता के लिए एक साल इंतजार करना होगा। विषय विशेषज्ञों के निरीक्षण के उपरांत ही विवि विषयों की स्थायी संबद्धता के लिए हरी झंडी देगा। प्रत्येक सेमेस्टर में विवि कॉलेजों से परीक्षा शुल्क लेगा। परीक्षा शुल्क निर्धारित करने के लिए विवि ने कमेटी का गठन कर दिया है।
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इस सत्र में श्रीदेव सुमन विवि से गढ़वाल विवि के 36 पीजी कॉलेज संबद्ध हुए हैं। 16 पीजी कॉलेज पहले से श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हैं। नए संबद्ध हुए पीजी कॉलेजों में 53 विषयों की गढ़वाल विवि से वर्ष 2018 तक अस्थायी संबद्धता है। यूजीसी नियमों के अनुसार किसी भी विषय को स्थायी संबद्धता तब मिलती है, जब वह नियमित रूप से पांच वर्षों से संचालित होता आ रहा है। पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग, पुरोला, अगस्त्यमुनि, विधि महाविद्यालय गोपेश्वर, देवप्रयाग, पोखरी, गैरसैण, नैनबाग, चिन्यालीसौड़, नरेंद्रनगर महाविद्यालय के अधिकांश विषयों को 2018 तक अस्थायी संबद्धता मिली है।
सत्र 2019 में कॉलेजों को स्थायी संबद्धता के लिए नए सिरे से श्रीदेव सुमन विवि में आवेदन करना होगा। विवि के कुलसचिव डा. दीपक भट्ट ने बताया कि पीजी कॉलेजों में संचालित होने वाले विषयों को स्थायी संबद्धता देने के लिए जल्द ही पैनल टीम का गठन किया जाएगा। कॉलेजों के निरीक्षण के उपरांत विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर संबद्धता प्रदान कर दी जाएगी। विवि से संबद्ध हुए कॉलेजों को प्रति सेमेस्टर में परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क का निर्धारण जल्द किया जाएगा।
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