घनसाली (टिहरी)। ग्रामीणों को मत्स्य पालन से स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए भिलंगना ब्लॉक के सीताकोट में बनाए गए मत्स्य तालाब घटिया निर्माण कार्य के चलते दो माह में ही क्षतिग्रस्त हो गए हैं। एक निजी संस्था के माध्यम से बनाए गए फिस पौंड का लोकार्पण दो माह पहले 10 मई को विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने किया था, लेकिन घटिया निर्माण के कारण अधिकतर तालाब क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
भिलंगना ब्लॉक के सीताकोट में मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से क्षेत्र की प्रगतिशील मत्स्य जीवी स्वायत्त सहकारी समिति लिमिटेड को 90 लाख की लागत से बनने वाले 14 फिश पौंड (तालाब) बनाने का काम दिया गया। तालाब बनाने के लिए शासन से संस्था को 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। मछलियों को मौसम के अनुरूप तापमान मिलने और अच्छी ग्रोथ के लिए आधा तालाब जमीन के अंदर और आधार बाहर बनाने के साथ ही मिट्टी-पत्थर रोकने के लिए फिल्टर टैंक भी बनाए जाने थे, लेकिन संस्था ने विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर ग्रामीणों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की मंशा को पलीता लगा दिया है। सभी तालाब जमीन के बाहर बनाए जाने से मछलियां ग्रोथ नहीं कर पा रही हैं और टैकों में दरारें पड़ गई हैं। टैंक बनाने के लिए 36 लाख रुपये मनरेगा से और 44 लाख रुपये मत्स्य विभाग से दिया जाना है।
संस्था प्रमुख हर्षपाल मिश्रा का कहना है कि मस्त्य विभाग द्वारा अभी तक स्वीकृत 90 लाख में से 10 लाख और शीड मिला है। फिल्टर टैंक बनाए जा रहे हैं, कुछ टैंकों में दरारें आई है उसे ठीक कर लिया जाएगा। मत्स्य पालन विभाग की सहायक निदेशक अल्पना हल्दिया का कहना है कि सीताकोट में फिश पौंड नहीं रेजवे बनाए गए हैं। अगर उसमें कार्य गुणवत्ता ठीक नहीं है, तो वहां जाकर स्वयं निरीक्षण करूंगी उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।