नई टिहरी। वर्षों से मोटर मार्ग की राह देख रहे कंडियालगांव, पंडरगांव, महरगांव, मस्ताड़ी, कुडिय़ालगांव, रैका गांव के लोगों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से वनभूमि के कारण अधर में लटकी सड़क के निर्माण को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने पर्यावरणीय अनुमति दे दी है, जिससे अब सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
प्रतापनगर ब्लॉक की उपली रमोली पट्टी के कई गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2010 में कंडियालगांव-रैका तक आठ किमी सड़क स्वीकृत की थी। पीएमजीएसवाई ने महरगांव तक सड़क का निर्माण कर दिया था, लेकिन महरगांव से रैका के बीच में करीब 1.155 हेक्टेयर घना जंगल होने के कारण तीन किमी लंबी सड़क का निर्माण नहीं हो रहा था, जिससे ग्रामीण कई किमी पैदल चलने को मजबूर थे। छह जुलाई को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने अपर मुख्य सचिव वन को पत्र जारी कर वनभूमि की हस्तांतरण की स्वीकृति दी है। वनभूमि की एनओसी मिलने के बाद अब पीएमजीएसवाई सड़क की निविदा जारी कर सकेगा। प्रधान रैका अवतार लाल, महर गांव बैशाखी देवी, कुड़ियालगांव अटल जड़धारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश बिष्ट, कमल सिंह बिष्ट, अर्जुन बिष्ट, फूल सिंह बिष्ट, हुकम सिंह बिष्ट, राय सिंह बिष्ट, पदम सिंह बिष्ट, धूम सिंह, कुंवर सिंह बिष्ट आदि ने वनभूमि की स्वीकृति मिलने पर सरकार, क्षेत्रीय विधायक विजय पंवार और जिला पंचायत सदस्य गोविंद रावत का आभार जताया है।