नई टिहरी। उत्तराखंड पर्वतीय आजीविका संवर्द्धन कंपनी (उपासक) की ओर से चंबा ब्लॉक के ग्राम ग्वाड़ में आयोजित 10 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण शिविर संपन्न हो गया। शिविर में समूह की महिलाओं को बकरी पालन और डेरी उद्यमिता से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार और उपासक की ओर से दिए जाने वाले अनुदान की जानकारी दी गई।
सारज्यूला पट्टी के ग्वाड़ गांव में असहाय उत्पादक समूह से जुड़ी 32 महिलाओं को स्टेट बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के सहयोग से 10 दिवसीय बकरी पालन और उद्यमिता प्रशिक्षण दिया गया। उपासक के ग्रामीण वित्त समन्वयक चंद्रप्रकाश डंगवाल ने बताया कि बकरी पालन और डेरी उद्यमिता विकास के लिए एससी-एसटी वर्ग को 33 फीसदी और सामान्य वर्ग व ओबीसी के लाभार्थियों को 25 फीसदी अनुदान दिया जाता है। स्वरोजगार ऋण लेने पर समूहों का 5.50 फीसदी ब्याज का भुगतान उपासक करता है। पशु डा. पीके सिंह ने बताया कि पशुओं का समय पर टीकाकरण कराना जरूरी है। भेड़-बकरियों में चेचक और माता रोग से निपटने को दिसंबर से जनवरी में टीकाकरण करें। नवंबर से जनवरी के बीच पशुओं को खुराक देकर खुरपका और मुंहपका रोग से बचा सकते हैं। आरसेटी के संजीव नेगी ने व्यवसाय के लिए ऋण लेने की जानकारी दी। इस मौके पर प्रवीन सिंह, सविता देवी, बबीता, मकानी, विनीता, दीपवती, सुशीला, गोदांबरी, विमला, सरोजनी, शकुंतला और विशला देवी आदि मौजूद थे।