नई टिहरी। टिहरी बांध की झील में बोट संचालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए टाडा ने कई ठोस कदम उठाए हैं। यहां आयोजित बैठक में टाडा ने अब बोटिंग के लिए तीन प्वाइंट बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही बोटों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दस दिन का समय दिया है।
झील में बोट संचालन को लेकर कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि बोट संचालन रोस्टर का पालन नहीं कर रहे हैं। प्रभावशाली बोट चालक जबरन पर्यटकों को अपनी बोटों में बिठाकर दिन में कई चक्कर लगा रहे थे, जिसके चलते कुछ बोट चालकों का दिन में नंबर नहीं आ रहा था। टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्याधिकारी चतर सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बोट चालकों, टाडा एवं पर्यटन विभाग की बैठक में जेटस्की, पावर बोट, स्पीड बोट के लिए अलग-अलग प्वाइंट बनाए जाने, जेटस्की का किराया दो सौ रुपए, पावर बोट ढाई सौ और स्पीड बोट का किराया तीन सौ रुपए निर्धारित किया गया। साथ ही रोस्टर का पालन करने, सफाई व्यवस्था बनाए रखने, बोटों के लाइसेंस का नवीनीकरण करवाने, नए बोट चालकों को 10 दिन में लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करने, कोटी में कैंपिंग, पार्किंग, बच्चों को खेलने को किड्स जोन बनाने और पेयजल के लिए टैंकर को मौजूद रखने का निर्णय लिया गया। चेतावनी दी गई कि नियमों का पहली बार उल्लंघन पर 10 हजार का चालान और दूसरी बार लाइसेंस पर रोक लगा दी जाएगी। इस मौके पर जिला साहसिक खेल अधिकारी सोबत सिंह राणा, पर्यटन अधिकारी एसएस यादव, पालिका के ईओ राजेंद्र सजवाण समेत कई बोट संचालक मौजूद थे।