नई टिहरी। बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट विद्यालयों को स्कूल बसों में महिला हेल्पर, जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। साथ ही नियमों का पालन न करने वाले स्कूल बसों का परमिट रद्द कर दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पानी और शौचालय की व्यवस्था न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बुधवार को जिला सभागार में बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूड़ी ने बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। एआरटीओ को निजी स्कूलों में संचालित होने वाले वाहनों की नियमित जांच करने को कहा है। कहा कि कुछ ही बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। नियमों का पालन न करने वाले स्कूल बसों के परमिट निरस्त कर दिए जाए।
श्रम अधिकारी एसएस रांगड़ ने बताया कि जिले में बाल श्रम के 11 मामलों में कार्रवाई गतिमान है। डीपीओ विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में 1965 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष खंडूड़ी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पानी का कनेक्शन और शौचालय होना जरूरी है। बैठक में डीएम सोनिका, आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल, सीएमओ डा. आरती ढौडियाल, एडीएम शिवचरण द्विवेदी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रभा रतूडी, सदस्य जेजे बोर्ड लखपति पोखरियाल, सुशील बहुगुणा, मनोज नकोटी, डीईओ माध्यमिक एसपी सेमवाल, सुखदेव बहुगुणा आदि उपस्थित रहे।