नई टिहरी। निर्माणाधीन बूढ़ाकेदार-बेलख सड़क का मलबा नहर में डालने से अगुंडा की सैकड़ों नाली भूमि को सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे परेशान ग्रामीणों ने छह माह पहले डीएम से भी शिकायत की थी, लेकिन पीएमजीएसवाई ने अभी तक नहर की मरम्मत नहीं की है। इससे काश्तकार धान की पौध तैयार नहीं कर पा रहे हैं। एक बार फिर डीएम दरबार में पहुंचे ग्रामीणों ने पानी सुचारुकराने की गुहार लगाई है।
भिलंगना ब्लॉक में पीएमजीएसवाई बूढ़ाकेदार-पिंस्वाड़-बेलख 22 किमी सड़क का निर्माण कर रहा है। विभाग कटिंग का मलबा डंपिंग जोन में डालने के बजाय लोगों के खेतों में डाल रहा है। इससे अगुंडा गांव की सिंचाई नहर पूरी तरह से मलबे से दब गई है। विभाग ने जब नहर से मलबा नहीं हटाया तो छह माह पहले ग्रामीणों ने डीएम से भी शिकायत की थी, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे परेशान काश्तकारों ने बुधवार को फिर से कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को परेशानियों से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि अब काश्तकार धान की पौध तैयार करने की तैयारी में है, लेकिन पीएमजीएसवाई ने अभी तक नहर से मलबा हटाकर मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया है। जिससे अगुंडा और कोटी गांव के काश्तकार धान की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में प्रधान विशन सिंह राणा, भगवान सिंह रावत, रायचंद सिंह, विशन सिंह रावत व सूरत सिंह रावत आदि शामिल थे।