घनसाली (टिहरी)। टिहरी जिला पंचायत गठन के 57 साल में पहली बार जिला पंचायत की बैठक पंचायत कार्यालय से बाहर उत्तराखंड के गांधी स्व. इंद्रमणी बडोनी के गांव अखोड़ी में हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए सदस्यों ने 36.55 करोड़ रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित किया। बैठक में पहुंचे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जिला पंचायत ने यह अनूठी पहल कर जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया है।
बुधवार को ग्राम पंचायत अखोड़ी के ताल में टेंट में जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण की अध्यक्षता में हुई बैठक में 36 करोड़ 55 लाख 22 हजार का बजट पारित किया गया। उन्होंने अखोड़ी में खेल मैदान बनाने को दस लाख और अखोड़ी-डालधार सड़क निर्माण के लिए पांच लाख देने की घोषणा की। इससे पहले कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने चार हजार करोड़ की योजना स्वीकृत की है। उन्होंने अखोड़ी में सेब कलस्टर बनाने, अखोड़ी में हर साल 24 दिसंबर को कृषि मेला आयोजित करने और सुवाखोली उद्यान स्व. बड़ोनी के नाम से करने का एलान किया। बताया गया कि वन मंत्री हरक सिंह रावत ने भी अखोड़ी में स्व. बडोनी के नाम से वन विश्राम गृह की स्वीकृति का पत्र भेजा है।
बैठक में जिला मुख्यालय में स्व. इंद्रमणी बडोनी की मूर्ति लगाने और डैम टॉप से रात आठ बजे तक यातायात सुचारु रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीएफओ नरेंद्रनगर का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ सदस्य मुरारी लाल खंडवाल ने बड़ोनी की स्मृति में आगामी कैबिनेट बैठक अखोड़ी में करने का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। वहीं इस दौरान सभी लोगों ने पारंपरिक भोजन का आनंद लिया।
इस मौके पर बैठक में टिहरी विधायक धन सिंह नेगी, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, विधायक शक्ति लाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह पंवार, डीएम सोनिका, सीडीओ आशीष भटगांई, प्रमुख विजय गुनसोला, आनंदी नेगी, जयपाल पंवार, बेबी असवाल, विनीता बिष्ट, बबीता शाह, कुंवर सिंह पंवार, सदस्य मुरारीलाल खंडवाल, केदार बर्थवाल, उत्तम भंडारी आदि मौजूद थे। संचालन एएमए दुर्गा सिंह चौहान ने किया।
पांच लाख की योजना पर 29 लाख किए खर्च
जिला पंचायत की बैठक में सदस्य राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि सिल्ली-थार्ती सिंचाई नहर 22 लाख खर्च होने के बावजूद 2014 से अभी तक पूरी नहीं बनी है। सदस्यों ने बताया कि चौंरा पेयजल योजना के लिए पांच लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन जल निगम ने 29 लाख खर्च कर दिए। इसी तरह दोणी वल्ली में नौ लाख की योजना पर 12 लाख रुपये खर्च किए गए। शिकायत पर सीडीओ ने जल निगम के ईई और जेई का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए उन्हें पत्रावली के साथ तलब किया है।