नई टिहरी। जाखणीधार ब्लाक के चार महत्वपूर्ण मोटर मार्ग डामरीकरण नहीं होने के कारण खस्ताहाल बने हुए हैं। ग्रामीण खस्ताहाल बने मार्गों पर जानजोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं, लेकिन लोनिवि एवं पुनर्वास निदेशालय बजट का अभाव बताकर क्षतिग्रस्त बने मार्गों का डामरीकरण नहीं कर रहे हैं।
टिहरी बांध के कारण अलग-थलग पड़े ढुंगमंदार क्षेत्र के 27 गांव का सफर सुगम करने लिए सरकार ने करीब 35 करोड़ की लागत से वर्ष 2016 में घोंटी मोटर पुल का निर्माण किया था। इसके लिए दोनों ओर से चार किमी सड़क बनाई थी, लेकिन सड़क बनाने के बाद डामरीकरण न होने से मार्ग उबड़-खाबड़ बना हुआ है। मार्ग का डामरीकरण नहीं होने के चलते अधिकांश वाहन चालक 30 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर घनसाली होते हुए गंतव्य को पहुंच रहे हैं। बावजूद पुनर्वास निदेशालय बजट न होने का बहाना बनाकर डामरीकरण नहीं कर रहा है। साथ ही पांच किमी ढुंग अंबेडकर और पांच किमी देवताधार-मोल्ठा और सैण-लासी मोटर मार्ग भी वर्षों से डामरीकरण के अभाव में खस्ताहाल बना हुआ है। ग्रामीण लंबे समय से मोटर मार्ग डामरीकरण की मांग कर रहे हैं। बावजूद लोनिवि सड़क डामरीकरण को लेकर गंभीर नहीं है। जिला पंचायत सदस्य परमवीर पंवार, प्रधान महावीर ममगाईं, उम्मेद सिंह रावत, सुनीता देवी, सत्या लाल ने सरकार से भी मोटर मार्गों का जल्द डामरीकरण करने की मांग की है।
कोट
घोंटी सड़क के डामरीकरण को बजट का अभाव बना हुआ है, जिससे डामरीकरण नहीं हो पाया है। बजट मिलने पर सड़क का डामरीकरण किया जाएगा।
-गणेश भट्ट, सहायक अभियंता पुनर्वास।
पूर्व में बनी कई सड़कों के डामरीकरण के लिए शासन से बजट नहीं मिल पाया है, जिससे डामरीकरण नहीं हो पाया है। सड़कों के डामरीकरण को बजट की मांग की गई।
-केएस नेगी, अधिशासी अभियंता लोनिवि।