चंबा (टिहरी)। लंबे समय से इंसाफ की बाट जोह रही कटाल्डी गांव की निराश्रित बुजुर्ग दर्शनी देवी को अब न्याय मिल सकेगा। मुख्य विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट में इंदिरा आवास के निर्माण में धांधली की पुष्टि हुई है। मामले में सीडीओ ने तत्कालीन बीडीओ, एडीओ और वीडीओ को दोषी माना है। सेवानिवृत्त हो चुके तीनों अधिकारियों से सरकारी धनराशि की वसूली के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
चंबा ब्लाक के कटाल्डी गांव निवासी दर्शनी देवी को 2009-10 में इंदिरा आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था, लेकिन आवास का मानक के अनुसार निर्माण नहीं कराया गया। पीएमओ के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की तो पाया कि इंदिरा आवास निर्माण के लिए 38 हजार 500 रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी, लेकिन आवास निर्माण के नाम पर दर्शनी देवी के जीर्ण-शीर्ण पठाली वाले मकान को तोड़कर वहां पत्थर और गारे की चिनाई से एक कमरा बनाया गया है। कमरे में टीन की चादर डालकर झोपड़ीनुमा कमरा खड़ा किया गया है। शौचालय के नाम पर सीट लगाकर एक छोटा गड्ढा बनाया गया है। इस सबके बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने बिना जांच पड़ताल के कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने सरकारी धन के दुरुपयोग के इस मामले में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी मुन्नी कुलियाल, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कीर्ति मंमगाई और सहायक विकास अधिकारी शशिधर बेदवाल को दोषी माना। सीडीओ अपनी जांच रिपोर्ट अपर सचिव ग्राम्य विकास विभाग को भेज चुके हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त हो चुके तीनों अधिकारियों से सरकारी धन की वसूली की जाएगी।
दिल्ली प्रवासी अरुण ने पीएमओ से की थी शिकायत
चंबा (टिहरी)। कटाल्डी गांव की निराश्रित दर्शनी देवी को न्याय दिलाने के लिए गांव के प्रवासी अरुण कुमार लखेड़ा आगे आए हैं। मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने पिछले वर्ष इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी। पीएमओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को कार्रवाई को आदेश दिए थे। इसके बाद ही जिला प्रशासन हरकत में आया। कटाल्डी के मूल निवासी अरुण कुमार लखेड़ा अब दिल्ली में रहते हैं। पिछले साल गांव से लौटने के बाद उन्होंने दर्शनी देवी के साथ हुए इस अन्याय को पीएमओ के समक्ष उठाया। पीएमओ के आदेश के बाद शासन-प्रशासन के अधिकारी हरकत में आए हैं।
नागणी में सरकारी अस्पताल को दान में दी जमीन
चंबा। कटाल्डी गांव की निराश्रित बुजुर्ग दर्शनी देवी ने नागणी में सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए 2003 में अपनी भूमि दान में दी है। इसके बाद ही क्षेत्र के लोगों को आयुर्वेदिक उपचार का लाभ मिल पा रहा है।