नई टिहरी। निर्माणाधीन सूरीधार पंपिंग योजना के निर्माण में गड़बड़ झाला का मामला प्रकाश में आया है। योजना निर्माण के लिए अभी बेसमेंट और इंटेक बना ही नहीं है, लेकिन कार्यदायी संस्था ने तीन करोड़ के पाइप पहले ही खरीद डाले हैं। प्रशासन की अनुमति के बिना ही ठेकेदार ने इंटेक और श्रोत कार्य के लिए जेसीबी से नाले, स्रोत तक मार्ग बना डाला। अवैध रूप से मिट्टी और पत्थर निकालने पर डीएम ने एसडीएम को चालान की कार्रवाई कर राजस्व की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। योजना निर्माण की धीमी गति से डीएम सोनिका ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जल निगम के अधिकारियों का जवाब-तलब किया है।
सोमवार को डीएम सोनिका ने 12 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सूरीधार पंपिंग योजना का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर योजना पूरा करने के निर्देश दिए। पेयजल निगम की ओर से नाबार्ड के माध्यम से प्रथम चरण के तहत अगस्त 2016 में पांच करोड़ 58 लाख की धनराशि उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अभी तक इसकी धीमी प्रगति पर डीएम बिफर पड़ी।
तीन चरणों में बनने वाली योजना में 23 छोटे तथा तीन बड़े जल संग्रहण टैंकों का निर्माण किया जाना है, लेकिन ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति के इंटेक और स्रोत कार्य के लिए जेसीबी से नाले, स्रोत तक मार्ग बनाए जाने पर डीएम ने चालान के निर्देश दिए। कहा कि बिना अनुमति के खनन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इंटेक के लिए बनाए बेसमेंट/आधार पर लगाए गए पत्थरों की रॉयल्टी जमा करवाने के साथ ही कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को डीपीआर के अनुसार कार्य करने की हिदायत दी। डीएम ने चंबा-उत्तरकाशी मोटर मार्ग के बौंर गांव के निकट बन रहे जल संग्रहण टैंक के साथ ही लिफ्ट पंपिंग हाउस, आवासीय भवनों का भी निरीक्षण किया। डीएम ने ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति के सामग्री, पत्थर चुगान पर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। जल निगम के अधीक्षण अभियंता पीके गुप्ता ने बताया कि योजना में पानी को लिफ्ट करने, उपयोग में लाए जाने वाले पाइप, इंटेक निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री तकनीकी जांच के बाद ही उपयोग में लाई जाएगी। इस मौके पर ईई आलोक कुमार भी उपस्थित रहे।