नई टिहरी। श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध होने वाले सभी 52 राजकीय महाविद्यालयों में सत्र-2018 से सेमेस्टर सिस्टम लागू हो जाएगा। सीबीसीएस (च्वॉइस बेस) पैटर्न लागू करने में शिक्षकों की कमी आड़े आ रही है। वहीं, कॉमर्स के छात्रों को सत्र-2018 से जीएसटी भी पढ़ाया जाएगा। समाज शास्त्र और आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम में विवि प्रशासन ने कुछ फेरबदल किया है। शुक्रवार को विवि मुख्यालय बादशाहीथौल में राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों और विवि अधिकारियों की होने वाली बैठक में उक्त सभी निर्णयों पर मुहर लग जाएगी।
नए शिक्षा सत्र-अप्रैल 2018 से गढ़वाल के सभी राजकीय महाविद्यालय श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हो जांएगे। 10 अगस्त 2017 को इसका शासनादेश जारी भी हो चुका है। अब तक राजकीय महाविद्यालय एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध थे। गढ़वाल विवि में सीबीसीएस (च्वॉइस बेस) पैटर्न पर छात्र प्रवेश लेते हैं। श्रीदेव सुमन विवि में सेमेस्टर सिस्टम से ही पढ़ाई होगी।
श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता के बाद छात्र-छात्राओं में सेमेस्टर और सीबीसीएस पैटर्न लागू होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। 20 दिसंबर को अमर उजाला ने ‘सेमेस्टर, सीबीसीएस पैटर्न को लेकर विवि दुविधा में’ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए विवि प्रशासन ने नए सत्र से सेमेस्टर सिस्टम ही लागू करने का निर्णय लिया है। सीबीसीएस पैटर्न लागू न कर पाने के पीछे राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। कई महाविद्यालयों में अभी विज्ञान संकाय भी नहीं है। ऐसी स्थिति में छात्रों को च्वॉइस बेस पैटर्न लागू कर विवि कोई जोखिम लेेने की स्थिति में नहीं है।
विवि कुलपति डॉ. यूएस रावत का कहना है कि विवि सेेमेस्टर सिस्टम लागू करने के पक्ष में है। शुक्रवार को होने वाली बैठक में प्रवेश शुल्क, पाठ्यक्रमों की रूपरेखा और नया शिक्षा सत्र शुरू करने की तिथि निर्धारित की जाएगी।
क्या है च्वॉइस बेस और सेमेस्टर सिस्टम
च्वॉइस बेस में छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध है कि वे अपनी इच्छानुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। जैसे विज्ञान वर्ग का अभ्यर्थी इतिहास विषय की पढ़ाई कर सकता है। इसके विपरीत सेमेस्टर सिस्टम में कला वर्ग का अभ्यर्थी विज्ञान वर्ग के किसी भी विषय में प्रवेश नहीं ले सकता है।