चंबा (टिहरी)। शासन के निर्देश पर नए शिक्षा सत्र अप्रैल 2018 से श्रीदेव सुमन विवि गढ़वाल मंडल के 52 राजकीय महाविद्यालयों को संबद्धता देने जा रहा है, लेकिन परीक्षा पैटर्न को लेकर अभी दुविधा की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि गढ़वाल केंद्रीय विवि में सीबीसीएस (च्वाइस बेस) पैटर्न लागू है और जबकि श्रीदेव सुमन विवि में सेमेस्टर प्रणाली के आधार पर परीक्षा आयोजित की जाती है। 29 दिसंबर को महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ श्रीदेव सुमन विवि अधिकारियों की होने वाली बैठक में समस्या के समाधान होने की उम्मीद है।
उत्तराखंड शासन ने 10 अगस्त 2017 को गढ़वाल मंडल के सभी राजकीय महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता का शासनादेश जारी किया था। अब तक राजकीय महाविद्यालय एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध थे। गढ़वाल विवि में सीबीसीएस (च्वाइस बेस) पैटर्न पर छात्र प्रवेश लेता है। च्वाइस बेस में छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध है कि वह अपनी इच्छानुसार विषयों का चयन कर सकता है। जैसे विज्ञान वर्ग का अभ्यर्थी इतिहास विषय की पढ़ाई कर सकता है, लेकिन श्रीदेव सुमन विवि में सेमेस्टर सिस्टम की व्यवस्था है। सेमेस्टर सिस्टम में कला वर्ग का अभ्यर्थी विज्ञान वर्ग के किसी भी विषय में प्रवेश नहीं ले सकता है।
नए सत्र से राजकीय महाविद्यालयों में सीबीसीएस पैटर्न लागू किया जाए या फिर सेमेस्टर सिस्टर ही रहने दिया जाए इस समस्या को लेकर श्रीदेव सुमन विवि दुविधा में है। विवि के कुलसचिव दिनेश चंद्रा का कहना है कि नए सत्र में प्रवेश के नियम और परीक्षा पैटर्न को लेकर 29 दिसंबर को महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक होनी है। प्राचार्यों के सुझाव के आधार पर ही सेमेस्टर या सीबीसीएस पैटर्न को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।