नरेंद्रनगर (टिहरी)। ताछला-नौर-मलास मोटर मार्ग से क्षतिग्रस्त खेतों का मुआवजा न मिलने से आक्रोशित लोगों ने बुधवार को ताछला में सड़क निर्माण कार्य बंद कराया। आक्रोशित लोगों ने कार्यदायी संस्था एडीबी के अधिकारियों पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा सड़क निर्माण के मलबे से उनके खेतों में फसलें और सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हो गई। मलबे से गांव के संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए। मुआवजा देने के नाम पर विभागीय अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के आश्वासन पर लोगों ने कल (बृहस्पतिवार) तक आंदोलन स्थगित कर दिया।
कार्यदायी संस्था एडीबी इन दिनों ताछला-नौर-मलास सड़क निर्माण कार्य कर रही है। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों के खेत काटे गए हैं। मुआवजा भुगतान न होने से आक्रोशित लोगों ने बुधवार को ताछला में सड़क निर्माण कार्य बंद करवाया। सूचना पर अवर अभियंता कुलदीप और आशीष राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को जल्द मुआवजा भुगतान करने आश्वासन दिया, लेकिन लोग नहीं माने। आक्रोशित लोगों ने निर्माण बंद कर वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। बाद में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने दूरभाष पर एडीबी के अधिकारियों को बृहस्पतिवार को नौर गांव पहुंचकर लोगों की समस्या के समाधान करने के निर्देश दिए। तब विभागीय अधिकारियों ने कहा कि वे नौर गांव पहुंचकर प्रभावित काश्तकारों की समस्याएं सुनने के उपरांत निस्तारण करेंगे। तब जाकर उन्होंने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। इस मौके पर नरेंद्रनगर जिला बनाओ संघर्ष समिति के महासचिव वाचस्पति रयाल, नौर के प्रधान जगत सिंह रावत, दयाल सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिला देवी, धूम सिंह रावत, ताछला की प्रधान चिंता देवी, नरेंद्र सिंह, वीर सिंह रावत, जोत सिंह रावत, दीवान सिंह रावत, कुंवर सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।