घनसाली (टिहरी)। सीमांत गंगी गांव में दो पक्षों के बीच हुए मारपीट के मामले में पुलिस ने क्रास रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीन दिन से गायब चल रहे एक पीड़ित युवक की तलाश में गंगी गांव गई पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनुसूचित जाति के 30 लोग तीसरे दिन भी दूधमुंहे बच्चों सहित ब्लॉक सभागार में डटे रहे।
गंगी गांव में एक दिसंबर को सहदर और श्रीपति देवी के बेटे की शादी थी। शादी में ढोल बजाने के लिए गांव का ही राकेश गया हुआ था, लेकिन वह दिन में अपने घर नहीं लौटा। शाम को जब वह ढोल बजाने नहीं गया तो श्रीपति देवी राकेश के घर पहुंची। श्रीपति देवी का आरोप है कि राकेश ने शादी में ढोल बजाने के लिए आने से इनकार करते हुए उन्हें धक्का देकर भगा दिया और उसके साथ मारपीट कर दी। अगले दिन दो दिसंबर को श्रीपति देवी के देवर मानस सिंह ने थाना पहुंचकर राकेश के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस पूछताछ के लिए गंगी गांव पहुंची।
चार दिसंबर को राकेश पिता सोहन लाल और अमर लाल ने थाने पहुंचकर राकेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट, श्रीपति देवी और उनके परिजनों पर मारपीट करने और घर में तोड़फोड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। अमर लाल की तहरीर पर पुलिस ने बुधवार को चार महिलाओं सहित 19 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और घर में तोड़फोड़ करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वही दूसरे पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने राकेश लाल के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा भी दर्ज कर लिया।
राकेश की तलाश में गंगी गांव गई पुलिस की टीम बुधवार को बैरंग लौट आई है। पुलिस ने 19 आरोपियों को पूछताछ के लिए थाना आने को कहा। जिस पर उन्होंने गांव में शादी का हवाला देते हुए दो-तीन दिन बाद आने की बात कही। इधर, 30 लोग तीसरे दिन भी राकेश की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ब्लॉक मुख्यालय के एक कमरे में डटे रहे। इस दौरान सीओ हीरा सिंह रौथाण भी उनको मनाने पहुंचे। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक उन्होंने गांव जाने से इनकार कर दिया। डीएम सोनिका ने एसडीएम चतर सिंह चौहान को जांच अधिकारी नियुक्ति करते हुए जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। एसडीएम चौहान का कहना है कि मामला रेगुलर पुलिस क्षेत्र का है। फिर भी वे अपनी ओर से जांच कर रहे हैं। घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह ने बताया कि उन्होंने डीएम और एसएसपी को मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।