नई टिहरी। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत मानक पूरा करने वाले व्यक्तिगत बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता दें, जिससे पहाड़ों से पलायन पर रोक लगने के साथ ही युवा स्वरोजगार कर आत्म निर्भर बन सकें। यह निर्देश देते हुए डीएम सोनिका ने कहा कि लघु उद्योगों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।
बुधवार देर शाम जिला सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए सरकार कौशल विकास योजना संचालित कर रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को भी खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से स्वरोजगार देने और आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं का भी चयन प्राथमिकता से करें। उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक महेश प्रकाश ने बताया कि अब तक 182 लोगों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए। उनमें से 70 आवेदकों को ऋण दिया गया है। दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बैठक में जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आरएस धपोला, आरसेटी के निदेशक सूरज प्रकाश, जिला पंचायत सदस्य रेखा पुंडीर, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सहायक निदेशक एसएस मलिक आदि मौजूद थे।