नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के सैणमंदार मोटर मार्ग पर एडीबी आपदा ने करीब 12 करोड़ खर्च किए हैं, लेकिन सड़क की नालियां एवं ऊपरी हिस्से में सुरक्षा दीवार नहीं बनने से चंद माह में ही कई स्थानों पर हॉटमिक्स डामरीकरण उखड़ने लगा है। जबकि सड़क की डीपीआर में सीमेंट की पक्की नाली का प्राविधान भी किया गया था। ग्रामीणों ने एडीबी आपदा के कार्यों पर सवाल खड़े करते हुए जिला प्रशासन से जांच की मांग की है।
वर्षों से खस्ताहाल बने सैंणमंदार मोटर मार्ग के हाटमिक्स डामरीकरण, चौड़ीकरण के लिए पूर्ववर्ती सरकार ने 2015 में आपदा मद से करीब 12 करोड़ स्वीकृत किए गए थे। तब उम्मीद जगी थी कि पीएमजीएसवाई की गलतियां के कारण खस्ताहाल मार्ग पर जानजोखिम में डालकर आवागमन कर रहे ग्रामीणों को आने वाले वर्षों में हाटमिक्स सड़क पर सुरक्षित सफर करने का मौका मिलेगा। पीएमजीएसवाई ने भी सड़क पर नालियां, सुरक्षा दीवार नहीं लगाई थी, जिससे सड़क खराब हो गई थी। वर्तमान में लोनिवि आपदा एडीबी डिविजन नई टिहरी ने सड़क का हाटमिक्स डामरीकरण तो कर दिया पर बरसाती पानी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सड़क के ऊपरी भाग पर सुरक्षा दीवारें नहीं लगाई है, जिससे कई स्थानों पर बारिश के पानी और मलबे के कारण डामरीकरण उखड़ गया। ऐसे में अभी भी सड़क की नालियां, सुरक्षा दीवारें नहीं बनी, तो करोड़ों की लागत से बनी सड़क ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रह पाएगी। प्रधान उम्मेद सिंह रावत, महावीर प्रसाद ममगाईं, समा देवी, सुनीता देवी आदि का कहना है कि विभाग एवं ठेकेदार की लापरवाही से नालियां, सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है, जिससे कई सड़क पर चंद माह में ही गड्ढे पड़ गए हैं। साथ ही बारिश का मलबा भी सड़क पर आ रहा है।
कोट
वर्तमान में सैणमंदार मोटर मार्ग लोनिवि बौराड़ी को हस्तांतरित हो गया है। मार्ग का कार्य मेरे कार्यभार ग्रहण करने से पहले हो गया था। डीपीआर में क्या प्राविधान किया गया था, इसकी जानकारी ली जाएगी।
-रचना थपलियाल, अधिशासी अभियंता एडीबी आपदा नई टिहरी।