नई टिहरी। नगर के एक मोमो व्यापारी से अभद्रता के खिलाफ पिछले दिनों सड़क जाम करने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कोे लेकर एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एसएसपी विमला गुंजयाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। पुलिस ने मार्ग जाम करने के मामले में 10 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दो अक्तूबर को नगर कोतवाल सुंदरम शर्मा पर बौराड़ी के एक मोमो व्यापारी ने अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। इसके विरोध में स्थानीय व्यापारियों और पुलिस के बीच नोकझोक भी हुई थी। अगले दिन तीन अक्तूबर को व्यापारियों, छात्रों और विभिन्न संगठनों ने विरोध में चंबा-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बौराड़ी र्साइं चौक में जाम लगा दिया था। जनाक्रोश को देखते हुए एसएसपी विमला गुंज्याल ने सुंदरम शर्मा को कोतवाल पद से हटाकर अपने कार्यालय में अटैच कर दिया था तथा सड़क पर जाम लगाने, शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने राकेश राणा, पंकज रतूड़ी, गंगाभगत सिंह नेगी, कुलदीप पंवार, गिरीश घिल्डियाल, मोहन सिंह रावत, भरत सिंह चौहान, जमुना देवी, छात्र संघ अध्यक्ष गौरव रावत और प्रदीप रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की सूचना पर सोमवार को नागरिक मंच के अध्यक्ष सुंदर लाल उनियाल, व्यापार सभा अध्यक्ष गंगाधर चमोली, आकाश कृषाली, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज राणा, शांति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल एसएसपी विमला गुंज्याल से मिला। उन्होंने एसएसपी से कहा कि पुलिस उत्पीड़न के विरोध में सड़क जाम में सैकड़ों लोग शामिल थे, लेकिन मुकदमा दर्ज सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही क्यों किया गया। उन्होंने दर्ज मुकदमा वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। एसएसपी गुंज्याल ने कहा कि जाम लगाने वालों की वीडियोग्राफी की गई है। यदि कोई छूट गया है तो उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।