नई टिहरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्राथमिक कक्षाओं में विज्ञान, गणित और पर्यावरण की पढ़ाई में स्थानीय परिवेश से शिक्षण सामग्री के विकास पर आधारित कार्यशाला और कंप्यूटर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। जिसमें विशेषज्ञ शिक्षकों को शामिल किया गया है।
डायट में कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रभारी प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने कहा कि तकनीकि हमारे पठन-पाठन की विशिष्ट आवश्यकता बन चुकी है। पांच दिन की कार्यशाला में इस तकनीकि को हासिल नहीं किया जा सकता है, लेकिन निरंतर अभ्यास करने और इसमें आने वाले बदलावों के प्रति जागरुक रहकर ही छत्रों को इसका लाभ दिया जा सकता है। कार्यक्रम समन्वयक सुधीर नौटियाल ने कहा कि दैनिक प्रयोग में आने वाले शप्क्षक महत्व की चीजों का संरक्षण कर उसे विषय से जोड़ते हुए बच्चों को आसानी से समझाने का प्रयास करें। कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों ने पाठ्यक्रम से महत्वपूर्ण पाठों का चयन कर शिक्षण की रूपरेखा तैयार की। कार्यशाला में प्रतिभागियों को कंप्यूटर विकास के साथ ही पेंट और डेस्कटॉप पर कार्य करने की जानकारी दी गई। इस मौके पर सत्येश्वर प्रसाद मालगुड़ी, कृष्ण भूषण पेटवाल, डा. वीर सिंह रावत, सरिता असवाल, डा. चेतना थापा, सुमन नेगी, सुनील डंगवाल, मनोज बहुगुणा, प्रमोद चमोली, सुरेंद्र कुमार बिंद, सुशील बडोनी, अजय नेगी, चंद्रकला नेगी, अनिल आर्य, तेज सिंह भंडारी, अंशुल डोभाल और लक्ष्मी प्रसाद उनियाल आदि मौजूद थे।