चंबा (टिहरी)। भले ही क्षेत्र में मंडी न होने के चलते काश्तकार अपनी फसलों को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं, लेकिन कुछ सब्जी उत्पादकों ने इससे निपटने का रास्ता खोज निकाला है। इसके लिए काश्तकार ऋषिकेश-चंबा राजमार्ग पर सड़क किनारे अपना उत्पादित माल हाथों-हाथ बेच रहे हैं। इससे ग्रामीणों को लाभ होने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी सही माल उचित दाम पर मिल रहा है।
चंबा क्षेत्र का हेंवलघाटी क्षेत्र नगदी फसलों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन आसपास कोई मंडी न होने के कारण किसानों को अपनी फसलों को बिचौलियों के हाथों बेचना पड़ता है। ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर आगराखाल से लेकर साबली तक जगह-जगह सब्जियों की दुकानें सजने लगी हैं। इनमें ग्रामीणों ने खेतों से निकाले गए ताजे टमाटर, आलू, कद्दू, खीरा, मक्की, लौकी सब्जियां सड़क किनारे दुकानों में सजा रखी हैं। जिन्हें स्थानीय लोग हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। काश्तकार दिला सिंह, सुबन सिंह, राजू सिंह का कहना है कि खेतों से ताजी सब्जियों को लाया जाता है। इससे उन्हें अच्छा दाम मिल रहा है। विधायक धन सिंह नेगी का कहना है कि चंबा में उप मंडी खोले जाने का प्रस्ताव बोर्ड से पारित हो चुका है। चंबा नगर के आसपास भूमि चयन की प्रक्रिया गतिमान है। जगह मिलते ही किसानों की समस्या की देखते हुए जल्द मंडी को शुरू कर दिया जाएगा