नई टिहरी। प्राइवेट परीक्षाएं उत्तराखंड मुक्त विवि को देने और केंद्रीय गढ़वाल विवि से संबद्ध 53 राजकीय महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध न किए जाने का मुद्द का फिर गरमाने लगा है। विधायक धन सिंह नेगी ने उच्च शिक्षा मंत्री से पत्र भेजकर तत्काल प्राइवेट परीक्षाओं को पूर्व की भांति श्रीदेव सुमन विवि के पास रखने और महाविद्यालयों को विवि से संबद्ध करने की मांग की है।
वर्ष 2009 में एचएनबी गढ़वाल विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा मिलने के बाद सरकार ने वर्ष 2010-11 में एचएनबी से संबद्ध कालेजों एवं प्राइवेट परीक्षाओं के संचालन के लिए श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि का गठन किया था। तब प्राइवेट परीक्षाएं, तो विवि को दे दी गई थी। लेकिन विवि गठन के छह साल बाद भी केंद्रीय विवि से संबद्ध 53 महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन को नहीं मिल पाए। वर्ष 2016 में पूर्ववर्ती सरकार ने प्राइवेट परीक्षाओं को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालयों को देने का निर्णय लिया था, जिससे श्रीदेव सुमन विवि के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। विभिन्न छात्र संगठन गढ़वाल मंडल की प्राइवेट परीक्षाओं को मुक्त विवि को देने और राजकीय महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करने की मांग को आंदोलित हैं। अब टिहरी के विधायक धन सिंह नेगी भी दोनों मांगों को लेकर मुखर हो गए हैं। उन्होंने 17 जुलाई को उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से मुलाकात कर प्राइवेट परीक्षाओं को पूर्व की भांति यथावत करने और महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन विवि को देने की मांग की।