उत्तराखंड विधानसभा में बहुमत परीक्षण के बाद बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया। बहुमत परीक्षण में हरीश रावत की जीत हुई और भाजपा को मुंह की खानी पड़ी।
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हरीश रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति शासन हटाकर सरकार कोर्ट को सूचित करे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश कर दी। संसद भवन में दोपहर 12.45 बजे कैबिनेट की संक्षिप्त बैठक में राष्ट्रपति से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश करने का फैसला किया गया।
उत्तराखंड विधानसभा में हुए बहुमत परीक्षण में हरीश रावत को 61 में से 33 वोट मिले हैं। जबकि रावत के विपक्ष में 28 वोट पड़े हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बहुमत परीक्षण के लिए हुए मतदान में किसी भी प्रकार की कोई अव्यवस्था नहीं हुई है। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र को उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के रिकॉर्ड ऑर्डर को पेश करने को कहा।
इससे पहले केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हरीश रावत ने बहुमत साबित कर दिया है। और अब उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाया जा सकता है।