समान पेंशन समेत अन्य मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने विधानसभा कूच किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रिस्पना पुल से पहले ही रोक लिया।
विरोध में प्रदर्शनकारियों ने फुटपाथ पर धरना दिया। एक माह में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सीएम आवास कूच करने की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि आंदोलनकारियों को समान पेंशन की मांग पर शहीद स्थल, मसूरी, खटीमा, रुड़की, रामपुर तिराहा पर घोषणा हो चुकी है। लेकिन छह सालों में एक बार भी घोषणा पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता से झूठे वादे कर रही है।
दस फीसदी आरक्षण पर सरकार कर रही राजनीति:
आंदोलनकारियों के लिए दस फीसदी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी स्थिति साफ कर चुका है। इसके बावजूद सरकार इसे लागू करने के बजाए राजनीति करने में जुटी है।
सरकार आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में भी बार-बार असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं होने पर अप्रैल में महारैली के रूप में सीएम आवास कूच करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप कुकरेती, प्रकाश शर्मा, ब्रजभूषण गैरोला, डीएस गुसाईं, चंद्रकांता बेलवाल, प्रेम खंडूरी, राम लाल खंडूरी, कमलेश भट्ट समेत अन्य आंदोलनकारी भी शामिल रहे।