दशमोत्तर छात्रवृत्ति में मेवाड़ विश्वविद्यालय में हुए घोटाले में समाज कल्याण निदेशक ने उत्तरकाशी के जिला समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल को शनिवार को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा अल्मोड़ा में पेंशन लाभार्थियों को समय से पेंशन भुगतान करने में लापरवाही मामले में पांच कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने बताया कि कि मेवाड़ यूनिवर्सिटी छात्रवृत्ति घोटाले में 28 लोगों के खिलाफ आरसी जारी हुई है। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच में पाया गया कि उत्तरकाशी के समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल ने बिना सत्यापन के 3 लाख 40 हजार की स्कॉलरशिप जारी कर दी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा में पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को पेंशन समय से भुगतान न होने के कारणों की जांच के लिए सहायक निदेशक एनके शर्मा को नामित किया गया था। सहायक निदेशक ने जांच में पाया कि 3116 वृद्धजनों, 204 विधवाओं, 64 विकलांगों एवं 1019 किसानों को किसान पेंशन नहीं भेजी गई थी, जिसे सहायक निदेशक की जांच के आधार पर लाभार्थियों के खाते में भेजा गया।
निदेशक ने बताया कि सहायक निदेशक की जांच के आधार पर पांच कर्मियों को दोषी पाया गया जिसमें विकलांग पेंशन कार्य देख रही कनिष्ठ सहायक गंगा डालाकोटी, किसान पेंशन का कार्य कर रही प्रधान सहायक नीलम बिष्ट, कनिष्ठ सहायक मनोज कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई है तथा संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर कुलवंत सिंह एवं संविदा कर्मी विनोद जोशी को कठोर चेतावनी दी गई है।