उत्तराखंड में आए सियासी भूचाल से दून में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की राह आसान हो सकती है। चुनावी वर्ष में राजनीतिक लाभ के लिए केंद्र सरकार प्रोजेक्ट पर फाइनल मुहर लगा सकती है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद कांग्रेस की प्रोजेक्ट से राजनीतिक लाभ लेने की मंशा पर पानी फिर सकता है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत उत्तराखंड से देहरादून शहर को चुना गया। तत्कालीन सरकार ने प्रोजेक्ट में पूरी दिलचस्पी दिखाई और आरकेडिया ग्रांट के चाय बागान क्षेत्र में स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट तैयार किया गया। प्रोजेक्ट के लिए नोडल अफसर बनाए गए आर मीनाक्षी सुंदरम को अपने स्तर पर निर्णय लेने की पूरी छूट भी दी गई।
राजनीतिक दलों, कई संस्थाओं और संगठनों ने सरकार के ग्रीन फील्ड में नया शहर बसाने के निर्णय पर विरोध भी जताया। लेकिन सरकार ने तमाम विरोध को दरकिनार करते हुए स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट दिल्ली भेज दिया। लेकिन तब केंद्र ने प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी।
कहा गया कि केंद्र ने जानबूझकर प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी क्योंकि कांग्रेस सरकार इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित कर सकती थी। लेकिन अब राष्ट्रपति शासन लगने के बाद ऐसा कोई खतरा नहीं रह गया है। ऐसे में परियोजना के दूसरे चरण में दून के चुने जाने की संभावना बढ़ गई है।
65 सवालों से खोज रहे जवाब
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए 65 सवालों के जवाब खोजे जा रहे हैं। इन दिनों प्रोजेक्ट का ड्राफ्ट तैयार करने का काम चल रहा है। इसमें केंद्र सरकार के स्तर से 65 अलग-अलग सवाल पूछे गए हैं। स्मार्ट सिटी में इन सभी 65 सवालों के जवाब देने होंगे। इसमें शहर की सुविधाएं, व्यवस्थाएं और वित्त की व्यवस्था जैसे मुद्दों से जुड़े सवाल शामिल हैं।
अगले 15 दिन होंगे अहम
प्रोजेक्ट के लिए अगले 15 दिन खासे अहम होने जा रहे हैं। इसी सप्ताह मेयर से वार्ता और नगर निगम में कंसलटेशन होनी है। इसके बाद डीएम, एसएसपी समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। 31 तक प्रोजेक्ट का ड्राफ्ट तैयार लिया जाएगा। चार मार्च को इस पर निगम की बोर्ड मीटिंग आयोजित की जाएगी। 10 को प्रोजेक्ट पर हाई पावर कमेटी फाइनल निर्णय लेगी।
प्रोजेक्ट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है। हमारे स्तर से पूर्व में मिले निर्देशों के अनुसार ही काम हो रहा है। डेडलाइन से पहले प्रोजेक्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, नोडल अफसर, स्मार्ट सिटी