श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 16 मई को और केदारनाथ मंदिर के कपाट 14 मई को खुलेंगे। यात्रा के मद्देनजर तैयारी शुरू कर दी गई है।
पिछले दिनों बदरीनाथ के पुराने बाजार में आए ग्लेशियर के विशाल टुकड़ों को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारियों ने हटा दिया है। फिलवक्त धाम में क्षतिग्रस्त दुकानों की मरम्मत का कार्य चल रहा है।
मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो जाएगा। इसके चलते मंदिर समिति सुविधा व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गई है। धाम के आम रास्तों से बर्फ हटा दी गई है।
बदरीनाथ में तप्त कुंड के इर्दगिर्द की बर्फ हटाने का कार्य चल रहा है। बीकेटीसी के अवर अभियंता विपिन तिवारी ने बताया कि धाम में मौसम खुल गया है।
बदरीनाथ मंदिर के पुराने बाजार की ओर की जो दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई थी, उन्हें ठीक किया जा रहा है।
मंदिर से माता मूर्ति गजकोटी के लिए जाने वाला रास्ता भी ठीक हो गया है जबकि केदारनाथ धाम में मरम्मत का काम अभी शुरू नहीं हो सका है।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अभी तक मेन सप्लाई लाइन, स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है।
हालांकि ऊर्जा निगम ने 10 दिन में केदारनाथ धाम में विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा किया है लेकिन समय से काम पूरे नहीं हुए तो इसका असर यात्रा व्यवस्थाओं पर पड़ेगा।
निशुल्क टेंट की भी व्यवस्था होगी
रुद्रप्रयाग। बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से इस बार धाम में दस टेंट लगाने की योजना है। एक टेंट में कम से कम पांच लोगों के रहने की व्यवस्था होगी।
तीर्थयात्रियों को टेंट में रहने के लिए बिस्तर की व्यवस्था भी समिति की ओर से की जाएगी। धाम में आवासीय सुविधा की कमी को देखते हुए समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
आवश्यकता के अनुसार तीर्थयात्रियों को टेंट का निशुल्क आवंटन किया जाएगा।