पिछले माह भाजपा की ओर से आयोजित विधानसभा घेराव के दौरान घायल घोड़े ‘शक्तिमान’ के इलाज को लेकर राज्यपाल ने पहल की है। राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे शक्तिमान के इलाज और उसके खानपान के लिए विवेकाधीन कोष से दो लाख रुपये का चेक पुलिस प्रशासन को भेजा है।
दरअसल बजट की कमी के चलते शक्तिमान के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन को वित्तीय सहायता की दरकार थी।
‘शक्तिमान’ उस समय घायल हो गया था जब पिछले माह भाजपा के विधानसभा घेराव के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था।
पुलिस लाइन में ही है शक्तिमान
शक्तिमान को घायल करने का आरोप भाजपा विधायक गणेश जोशी पर है। इस प्रकरण में विधायक जोशी पर पीसीए एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है और वह जेल भी जा चुके हैं। शक्तिमान के घायल होने के बाद मुंबई, अमेरिका और सेना के विशेषज्ञों की टीम ने उसके पिछले पैर का आपरेशन किया जो सफल नहीं रहा।
आपरेशन के बाद तेजी से फैलते संक्रमण की वजह से आखिरकार डॉक्टरों की टीम ने उसका पैर काटने का निर्णय लिया। कई घंटे तक चले आपरेशन के बाद शक्तिमान के पैर को काट दिया गया।
बहरहाल वर्तमान समय में शक्तिमान पुलिस लाइन में है और चलने की स्थिति में नहीं है। शक्तिमान के इलाज पर करीब दस लाख खर्च किया जा चुका है।
विशेषज्ञों की टीम ने उसके पैर की नाप लेकर अमेरिका भेजा है, जहां से उसकी कृतिम टांग आने के बाद जैसे तैसे उसे खड़ा करने लायक बनाया जा सकेगा। यह प्रयोग कितना सफल होता है यह देखने वाली बात होगी।