कर्णप्रयाग के जसपुर गांव में दावानल से एक गोशाला जल गई जिसमें बंधे आठ में से सात पशु भी जिंदा जल गए। राजस्व, पशुपालन और वन विभाग के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। वन विभाग के अनुसार आग खेतों से लगी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जंगल की आग से यह घटना घटी है।
जसपुर के प्रधान गबर सिंह रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार रात नौ बजे अनुसूया प्रसाद पुत्र बलीराम की गोशाला में आग लग गई। एक घंटे बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। इस पर गोशाला का दरवाजा तोड़ा गया तो महज दरवाजे से चिपकी एक गाय को आग से बचाया जा सका। गोशाला में बंधे अन्य पशुओं की जलकर मौत हो चुकी थी।
प्रधान का कहना जंगल की आग पहुंची गांव तक
प्रधान रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को जंगल की आग गांव के पास तक पहुंची थी, जिसे ग्रामीणों ने बुझा दिया था। रात को फिर अचानक आग गोशाला तक पहुंच गई, जिससे यह घटना हुई।
राजस्व उपनिरीक्षक मानवेंद्र बर्त्वाल सहित पशुपालन एवं वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पशुपालन के कर्मियों ने जिंदा बची गाय का उपचार किया। राजस्व उपनिरीक्षक मानवेंद्र बर्त्वाल ने कहा कि मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
दूसरी ओर वन विभाग के धनपुर रेंज के रेंजर आरके निराला ने बताया कि गांव के खेतों में लगी आग के फैलने से घटना घटी है। अभी तक रेंज के रिजर्व क्षेत्र में कहीं भी आग की सूचना नहीं है।