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घाटी के स्कूल में दो माह से लटका है सरकारी 'ताला'

Tue, 13 Aug 2013 09:28 PM IST
उत्तरकाशी/ब्यूरो
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असी गंगा घाटी के स्कूलों में ताले लटके हुए हैं और बच्चे घरों में कैद व्याकुल हैं। गांव में अठखेलियां करते इन बच्चों को देखकर खुशी नहीं होती बल्कि घाटी की त्रासदी रह-रह कर याद आ जाती है।
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आपका बच्चा एक दिन स्कूल न जाए तो सोचिए आप का क्या हाल होगा, लेकिन उत्तराखंड के कई हिस्से अभी भी ऐसे हैं जहां पिछले दो महीनों से बच्चों ने स्कूल का मुंह तक नहीं देखा।

स्कूलों में लटके हैं ताले
जून माह की बाढ़ के बाद से अलग-थलग पड़ी असी गंगा घाटी के स्कूल नहीं खुल पाए हैं। स्कूल बंद रहने से अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र स्कूलों में पठन-पाठन सुचारु कराने की मांग की है।
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असी गंगा घाटी के नौ गांवों के बीच एक-एक इंटर कालेज, हाईस्कूल, चार जूनियर हाईस्कूल तथा एक दर्जन बेसिक स्कूल हैं। जून माह की बाढ़ से उत्पन्न हालात को देखते हुए प्रशासन ने जिले के सभी विद्यालयों में 15 जुलाई तक अवकाश बढ़ा दिया था।

दो माह से अधिक का समय गुजरा
इसके बाद सभी स्कूल खोल दिए गए लेकिन अलग-थलग पड़ी असी गंगा घाटी के स्कूल आपदा के दो महीने बाद भी नहीं खुल पाए हैं। पठन-पाठन ठप होने से बच्चे घरों पर ही समय गुजार रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह रावत, भंकोली गांव के सामाजिक कार्यकर्ता भागचंद आदि ने बताया कि यह क्षेत्र पहले ही काफी पिछड़ा हुआ है और अब शिक्षा व्यवस्था चौपट होने से युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बंद पड़े स्कूल शीघ्र खुलवाने की मांग की है।

सरकार को नहीं सुध
असी गंगा घाटी के सैंकडों बच्चों के भविष्य को लेकर उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार चिंतित नहीं है। अभी तक इन बच्चों के पठन पाठन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बच्चे घरों में ही कैद हैं।

इनकी भी सुनिए
आपदा के बाद से अलग-थलग पड़े कुछ क्षेत्रों में स्कूल अभी बंद होने की शिकायतें मिल रही हैं। सभी सीआरसी से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही सभी स्कूलों में पठन-पाठन सुचारु कराने के इंतजाम किए जाएंगे।
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- एसपी सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी
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