पदोन्नति में आरक्षण पर रोक का शासनादेश जारी न होने से आक्रोशित जनरल-ओबीसी के कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर होली नहीं मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के बावजूद कोई जनरल-ओबीसी कर्मचारी दफ्तर में काम करता मिला तो उसके मुंह पर कालिख पोती जाएगी।
बृहस्पतिवार को उत्तराखंड जनरल-ओबीसी इंपलाइज यूनियन की ओर से गठित सचल दस्ते ने कई सरकारी कार्यालयों में छापा मारा। इस दौरान जनरल-ओबीसी के कर्मचारी कुछ कार्यालयों में काम करते मिले थे। सचल दस्ता दल ने कर्मचारियों को चेतावनी दी कि आज के बाद जो भी कर्मचारी दफ्तर में काम करता मिलेगा तो उसका मुंह काला कर वीडियो प्रसारित किया जाएगा।
इधर, एआरटीओ कार्यालय के पास चौथे दिन धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। वक्ताओं ने कहा कि नो वर्क नो पे का नियम सरकार पर भी लागू होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण के आदेश पर रोक का शासनादेश जारी नहीं किया है। बृहस्पतिवार को धरने में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों के साथ ही रेशम विभाग ने भी सहभागिता जताई।
वहां एसोसिएशन के जिला महासचिव दीप जोशी, मोहन राठौर, प्रकाश भाकुनी, देवप्रकाश चक्रवर्ती, बीएन बेलवाल, गीता जोशी, ममता बिष्ट, हेमा बिष्ट, उमा रजवार, प्रीति चोपड़ा, मुन्नी सनवाल, आशा पांडेय, पुष्पा जोशी, मोहिनी बिष्ट, बबली, लखविंदर कौर, हेमंत बिष्ट, मनमोहन बिष्ट, नीलम नाथ आदि थे।
कार्यालय में काम करते मिले कर्मचारी
रुद्रपुर। जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर कोषागार कार्यालय के कर्मचारियों पर नहीं पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को कार्यालय में सभी कर्मचारी काम करते मिले। एक कर्मचारी ने कहा कि जनरल वर्ग में शामिल होने के बाद भी हम हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं। कार्यालय में सभी कामों को निपटाया जा रहा है।