रुद्रपुर। समृद्धि कंपनी के 11 श्रमिकों ने मंगलवार को कंपनी परिसर में घुसकर खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। सुरक्षा गार्डों की सूचना पर सिडकुल चौकी इंचार्ज टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत किया।
सिडकुल की सेक्टर-6 में स्थित समृद्धि इंडस्ट्रीज लिमिटेड में घरेलू प्लास्टिक सामान बनाया जाता था। डेढ़ महीने पहले ही प्रोडक्शन ठप होने पर कंपनी बंद हो गई थी। इससे कंपनी में कार्यरत कर्मचारी से लेकर अकाउंटेंट और एचआर हेड तक बेरोजगार हो गए। कंपनी के 59 श्रमिकों ने कंपनी से बिना नोटिस मिले गेटबंदी करने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू किया था।
मामले में जब उपश्रमायुक्त कार्यालय से कंपनी के खिलाफ आरसी जारी हुई तो श्रमिकों ने मई, जून के वेतन की मांग को लेकर धरना दिया। कोई कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलित श्रमिकों ने मंगलवार को कंपनी परिसर में जाकर खुद पर केरोसिन छिड़क लिया और आत्मदाह की कोशिश करने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल केरोसिन की बोतल छीनी और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सिडकुल चौकी इंचार्ज केजी मठपाल ने श्रमिकों को फटकार लगाई।
श्रमिकों ने कहा कि उनके पास और कोई चारा नहीं बचा है। प्रशासन के चक्कर काटते-काटते वह परेशान हो चुके हैं। इधर, सुरक्षा गार्ड हयातराम, लक्ष्मीदत्त और नवीन ने श्रमिकों पर आरोप लगाया कि वह कंपनी के अंदर पानी मांगने के बहाने से घुसे और मंदिर में बैठकर खुद पर केरोसिन डालने लगे। वहां उदय, पवन, सफी, चंदन, प्रदीप, विनोद, पुष्पेंद्र, राम प्रकाश, सौरभ गुप्ता, बलवंत, अभिनव आदि थे।
कोट-
- श्रमिक लंबे समय से धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को धरने पर बैठे कुछ श्रमिक साथ में केरोसिन लेकर कंपनी के अंदर घुसे और खुद पर केरोसिन डाल लिया। सुरक्षा गार्ड की नजर पड़ने पर आत्मदाह नहीं कर पाए। श्रमिकों से पूछताछ की जाएगी। - केजी मठपाल, पुलिस इंचार्ज, सिडकुल चौकी।
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- दस जून को श्रमिकों को समझौता वार्ता के लिए उपश्रमायुक्त कार्यालय में बुलाया गया था लेकिन श्रमिक नहीं पहुंचे। वार्ता के लिए महाराष्ट्र हेड ऑफिस से प्रबंधन उपश्रमायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। श्रमिकों के आत्मदाह करने से खुद का ही नुकसान होता। - ज्योति यादव, कॉरपोरेट एचआर, समृद्धि कंपनी।