रुद्रपुर के फाजलपुर महरौला में ट्रांसपोर्टनगर के लिए चिंहित जमीन।
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शहर के लिए जरूरी ट्रांसपोर्टनगर और नवीन गल्ला मंडी के लिए 55.45 एकड़ जमीन चिह्नित करने के बाद जिला प्रशासन को शिक्षा विभाग की एनओसी का इंतजार है। दो बार सचिव माध्यमिक शिक्षा को पत्र भेजने के बावजूद एनओसी नहीं मिल सकी है। इस वजह से दोनों प्रोजेक्टों में विलंब हो रहा है। डीएम ने कहा कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी।
दरअसल, सिडकुल के साथ ही कई उद्योग और मंडी होने के बाद भी रुद्रपुर में व्यवसायिक वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अकेले परिवहन विभाग में ही ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े करीब साढ़े आठ हजार वाहन पंजीकृत हैं। ट्रांसपोर्टनगर नहीं होने की वजह से कई वाहन सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं।
जिला प्रशासन ने बीते फरवरी में फाजलपुर महरौला में 23.6434 हेक्टेयर भूमि चयनित की थी। अधिकांश भूमि एएनझा इंटर कॉलेज के नाम पर वर्ग चार में दर्ज है और कुछ जमीन डिग्री कॉलेज के नाम पर भी खातों में दर्ज है। इसमें से 38 एकड़ जमीन ट्रांसपोर्टनगर और 17.45 एकड़ जमीन नवीन गल्ला मंडी के लिए चयनित की गई थी।
इसके अलावा रास्तों के लिए 1.0200 हेक्टेयर और 0.1760 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी। बीते 28 फरवरी को तत्कालीन डीएम ने जमीन की एनओसी के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड शासन को पत्र भेजा था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने के बाद बीते नौ जुलाई को रिमाइंडर सचिव माध्यमिक शिक्षा को भेजा गया। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन को विभाग की ओर से जमीन हस्तांतरण को लेकर एनओसी नहीं मिल सकी है।
ट्रांसपोर्टनगर और नवीन गल्ला मंडी के लिए चयनित जमीन के लिए शिक्षा विभाग से एनओसी नहीं मिली है। इसको लेकर एक बार पूर्व में रिमाइंडर जा चुका है। इस संबंध में शासन में शिक्षा विभाग के सचिव से बात करेंगे। प्रयास करेंगे कि एनओसी जल्द मिले और आगे की कार्यवाही की जा सके। - रंजना राजगुरु, डीएम।
ट्रांसपोर्टनगर और नवीन गल्ला मंडी के जमीन के हस्तांतरण की कार्यवाही शासन में गतिमान है। अगले हफ्ते देहरादून जाकर इस संबंध में शासन के अधिकारियों से वार्ता करूंगा। सितंबर में जमीन हस्तांतरण की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। - राजकुमार ठुकराल, विधायक।