रुद्रपुर। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से सरस मार्केट में पुराने भवन की जगह बनाए नए भवन में तराई में महिला स्वयं सहायता समूहों के तैयार किए जाने वाले उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इसके साथ ही पहाड़ों के समूहों के उत्पाद भी बिकेंगे।
इनमें मुनस्यारी की मशहूर राजमा के साथ ही जैविक मडुवा और झंगोरा भी मिलेेगा। इससे जहां उत्पादों की बिक्री से समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, वहीं उनको उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार में भी मिलेगा।
दरअसल, जिले में साढ़े तीन हजार महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करती हैं। इनमें हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ही मसाला और अन्य सामान शामिल है। समूहों के उत्पादों को बाजार देने की मंशा से 28 लाख रुपये की लागत से बने सरस मार्केट सेंटर के भवन का लोकार्पण बीते जुलाई में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कर चुके हैं।
सेंटर में जिले में महिला समूहों की ओर से तैयार किए गए उत्पादों को बेचने के लिए रखा जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग ने जसपुर के मेघावाला में दुग्ध प्लांट, रुद्रपुर के बेकरी, गदरपुर में मसाला और खटीमा के घोसीकुआं में सरसों का तेल तैयार करने वाली यूनिट लगाई है। इन यूनिटों में भी तैयार होने वाले उत्पादों को सेंटर में रखा जाएगा।
इसके साथ ही पहाड़ों पर महिला समूह जैविक दालों जैसे राजमा, गहत, भट्ट के अलावा अचार, ऐपण फ्रेम, जड़ी बूटी और अन्य उत्पाद भी बेचते हैं। उनके उत्पादों को भी सेंटर में बिक्री के लिए लाया जाएगा।
रुद्रपुर में बेकरी यूनिट में मडुवे के बिस्किट भी तैयार कराए जाएंगे। मेघावाला यूनिट में तैयार होने वाले पनीर और घी को भी सरस सेेंटर में बिक्री को रखा जाएगा। केंद्र में समूहों के उत्पादों को रखना शुरू कर दिया गया है। जिले में समूहों को तैयार किए गए उत्पादों को भेजने के लिए कहा गया है। पहाड़ों में भी समूहों के तैयार उत्पादों को मंगवाया जाएगा। सेंटर के संचालन का जिम्मा महिला समूह के हाथ में ही होगा। - हिमांशु जोशी, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग।