रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड और बदरीनाथ हाईवे को आपस में जोड़ने के लिए बेलणी के समीप अलकनंदा नदी पर प्रस्तावित 200 मीटर स्पान के पुल के एक पिलर से ट्राॅली का तार टूटने से हुआ हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ।
प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधन के लिए कार्यदायी संस्था को पूर्व में नोटिस जारी किया था मगर यहां सुरक्षा दुरुस्त नहीं की गई।
बीते शनिवार रात को निर्माणाधीन पुल के दाई तरफ के पिलर के ऊपरी हिस्से में कार्य के दौरान ट्राॅली का तार टूट गया था। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई था जबकि एक घायल हो गया था। साथ ही चार मजदूर पिलर के ऊपरी हिस्से में फंस गए थे। इस दुर्घटना का प्रमुख कारण कार्यदायी संस्था की ओर से सुरक्षा मानकों की अनेदखी माना गया है।
कार्यस्थल पर कंपनी की ओर से प्रारंभिक स्तर पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। दाई तरफ के पिलर का तल चट्टानी हिस्से में। वहीं, बाई तरफ के पिलर का तल नदी से लगा है। ऐसे में यहां हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ रही है। इधर, एडीएम श्याम सिंह राणा ने बताया कि कार्यदायी संस्था को पुल का निर्माण केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सुरक्षा मानकों के तहत कार्य करने को कहा गया था।
पूर्व में भी कंपनी को नोटिस जारी किया गया मगर कंपनी ने नियमों का पालन नहीं किया। मामले में जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। इधर, कोतवाल मनोज नेगी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ कार्यदायी कंपनी के एजीएम अश्विनी कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनका मोबाइल स्वीच ऑफ आया। संवाद