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हेली कंपनी के खिलाफ तीन जुर्म पत्र जारी

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तुंगनाथ सेंचुरी क्षेत्र में नियम विरुद्ध हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने अज्ञात हेली कंपनी व पायलट के खिलाफ तीन जुर्म पत्र जारी किए हैं। साथ ही यूकाडा को भी पत्र भेजा गया है।
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जून के पहले सप्ताह में एक हेली कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ से बदरीनाथ के लिए उड़ान भरते हुए तुंगनाथ सेंचुरी एरिया से दो-तीन दिन गुजरा था। इस दौरान हेलीकॉप्टर तय मानक 600 मीटर से कम ऊंचाई पर था। साथ ही उसकी ध्वनि भी बहुत अधिक थी। दुगलबिट्टा, चोपता व तुंगनाथ क्षेत्र सेंचुरी एरिया में हैं और यहां दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीव व पक्षी निवास करते हैं। यहां कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर कई जगहों पर हॉर्न बजाना तक प्रतिबंधित है। वहीं हेली कंपनियां नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं।
अमर उजाला ने 2 जून के अंक में ‘उड़नखटोलों ने छीन लिया जंगल का चैन’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में इस मामले का खुलासा किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर-चमोली के डीएफओ इंद्र सिंह नेगी ने अज्ञात कंपनी व पायलट के नाम जुर्म पत्र (एच-2) जारी किया है। उन्होंने बताया कि दो जुर्म पत्र गोपेश्वर रेंज व एक जुर्म पत्र ऊखीमठ रेंज कार्यालय से जारी किया गया है। इन जुर्म पत्रों में हेलीकॉप्टर की उड़ान की तिथि व समय भी अंकित है। साथ ही यूकाडा को पत्र भेजकर हेली कंपनी और पायलट के बारे में जानकारी मांगी गई है। अभी यूकाडा ने कोई जवाब नहीं दिया है।
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क्या होता है जुर्म पत्र
रेगुलर व राजस्व पुलिस में अपराध के अनुसार अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह वन विभाग में वन अधिनियम व वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन पर जुर्म पत्र जारी किया जाता है। इसमें वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2006 की धारा 27 (4) में मुकदमा दर्ज किया जाता है। इसके अलाव अलग-अलग अपराध में अलग-अलग धाराएं दर्ज की जाती हैं।
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