उफान पर बह रही सरस्वती नदी, मद्महेश्वर में 50 से अधिक लोग हैं मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। द्वितीय केदार मद्महेश्वर को जोड़ने वाले रांसी-गौंडार-मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर सरस्वती नदी उफान पर बहने से यहां निर्मित अस्थायी पुलिया बह गई है। साथ ही गौंडार गांव के समीप लगाई गई ट्राॅली भी बार-बार खराब हो रही है जिससे स्थानीय सहित यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो दिन से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
ग्राम पंचायत गौंडार के पूर्व ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार, सरपंच फते सिंह पंवार, पूर्व सरपंच शिशुपाल सिंह, वीरबल बिष्ट का कहना है कि ट्राॅली का एक हिस्सा भी बारिश से बार-बार बाधित हो रहा है जिससे संचालन में दिक्कतें हो रही हैं। इन परिस्थितियों में ट्राॅली के बीच में फंसने का खतरा बना है। उन्होंने बताया कि बीते दो दिन से मद्महेश्वर में 50 से अधिक लोग हैं। अस्थायी पुलिया बहने से अब मद्महेश्वर जाने और लौटने का एकमात्र साधन मोरकुंडा नदी पर लगाई गई ट्रॉली ही है। मगर ट्राॅली कभी भी किसी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन और लोनिवि से हाइड्रोलिक ट्राॅली लगाने की मांग की। बता दें कि 14 अगस्त 2023 को अतिवृष्टि से गौंडार गांव के समीप सरस्वती नदी पर निर्मित स्टील गार्डर पुल ध्वस्त हो गया था। तब से यात्रा अस्थायी पुलिया और ट्रॉली के सहारे ही संचालित हो रही है।